रायगढ़। जामगांव स्थित एमएसपी स्टील प्लांट में सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद मंगलवार को प्लांट गेट के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। कन्वेयर बेल्ट में फंसकर कर्मचारी लक्ष्मण साहू की मौत के बाद परिजन, ग्रामीण और सहकर्मी बड़ी संख्या में मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, एक सदस्य को स्थायी नौकरी, मृतक की पत्नी को आजीवन पेंशन और दोनों बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की मांग की है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, जांजगीर जिले के अमोरा निवासी लक्ष्मण साहू सोमवार को अपनी ड्यूटी के दौरान कन्वेयर बेल्ट पर प्लेट चिपकाने का काम कर रहे थे। आरोप है कि मरम्मत के समय बेल्ट बंद नहीं की गई थी। अचानक उनका हाथ बेल्ट में फंस गया, जिससे वे तेजी से अंदर की ओर खिंच गए। गंभीर चोटों के कारण अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप
हादसे के बाद मजदूरों ने प्रबंधन पर लंबे समय से औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि बेल्ट को बंद करके काम कराया जाता, तो यह हादसा आसानी से टल सकता था। श्रमिकों ने बताया कि प्लांट में पूर्व में भी सुरक्षा उपकरणों और प्रोटोकॉल की कमी के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन ने सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
परिजनों का विरोध और मांगें
मंगलवार सुबह ग्रामीण और मृतक के परिजन बड़ी संख्या में प्लांट गेट पर इकट्ठे हुए और प्रबंधन पर जिम्मेदारी तय करने का दबाव बनाया। उनका कहना है कि लक्ष्मण साहू परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था, ऐसे में परिवार को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना बेहद जरूरी है।
परिजनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
पुलिस-प्रशासन मौके पर, बातचीत जारी
तनाव की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की जा रही है, वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लांट गेट के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक मुआवजे और सुरक्षा सुधार का ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।