छत्तीसगढ़ CGBOX में महिलाओं और बच्चियों के लापता होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर दिन लगभग 30 महिलाएं और बच्चिय गायब हो रही हैं, जिनमें से कई 10‑17 वर्ष की नाबालिग लड़कियां हैं।
2023 से जनवरी 2026 के बीच राज्य से कुल 36,662 महिलाएं और बच्चियां लापता हुईं, जिनमें से 7,188 का अब तक कोई सुराग नहीं मिला। पिछले तीन वर्षों में 10,753 बालिकाएं गायब हुईं और 11,825 को बहला-फुसलाकर ले जाया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, बलरामपुर और बस्तर जैसे सीमावर्ती जिलों में मानव तस्करी की घटनाएं अधिक हैं। तस्कर अब सीधे अपहरण नहीं करते, बल्कि भरोसा और लालच के जाल में फंसाकर बच्चों को दूसरे राज्यों में भेजते हैं।
ग़रीब परिवारों के बच्चों को बेहतर नौकरी, शिक्षा या सुनहरे भविष्य का वादा करके घरेलू काम, जबरन श्रम और यौन शोषण के लिए ले जाया जाता है।
सरकार ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ जैसी पहल शुरू की है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गांवों में खुफिया और सुरक्षा नेटवर्क मजबूत किए बिना इस संकट को रोकना मुश्किल है।
बाल विकास मंत्रालय की रिपोर्ट में 1 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2026 तक 982 बच्चे लापता हुए, जिनमें 400 का पता नहीं चला। सबसे अधिक प्रभावित उम्र 14‑17 वर्ष की लड़कियां हैं।
छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी और बच्चों की सुरक्षा अब गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती बन चुकी है।

