बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। आज की कार्यवाही में याचिकाकर्ता पक्ष की बहस पूरी कर ली गई, जिसके बाद अब ईडी (ED) अपनी दलीलें पेश करेगी। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 2 सितंबर 2025 तय की है।
चैतन्य बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को असंवैधानिक बताया है। उन्हें 18 जुलाई 2025 को भिलाई से ईडी ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी को लेकर उन्होंने पहले सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां याचिका खारिज कर हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया गया था।
फिलहाल चैतन्य बघेल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि शराब घोटाले से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले, जिनका इस्तेमाल उन्होंने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में किया। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर अवैध लेनदेन किए।
ईडी का दावा है कि इस पूरे घोटाले में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन किया गया। पहले ही कई बड़े नाम जैसे पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर और पूर्व मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार हो चुके हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि अगली सुनवाई में ईडी क्या नया खुलासा करती है।

