रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ के रामचंद्रपुर विकासखंड के रेवतीपुर गांव में रविवार शाम 50 वर्षीय बिफन कोरवा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा लगातार घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसके तनाव में आकर बिफन की मौत हुई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार सुबह रामचंद्रपुर- सनवाल मुख्य मार्ग पर तीन घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पांच दिनों से वन विभाग की टीम गांव पहुंच रही थी और जब्ती नामा पर हस्ताक्षर कराने के बाद घर गिराने की चेतावनी दे रही थी। इसी कारण मृतक तनाव में था और कई दिनों से उसने खाना-पीना छोड़ दिया था। रविवार शाम अचानक गिरने से उसकी मौत हो गई।
सूचना पर एसडीओपी बाजीलाल सिंह मौके पर पहुंचे और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद चक्का जाम समाप्त हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए 100 बिस्तर अस्पताल रामानुजगंज भेजा गया।
रेवतीपुर की सरपंच ऐसा खातून ने भी आरोप लगाया कि वन विभाग के डर से मृतक मानसिक रूप से बहुत परेशान था। वहीं, रेंजर अजय वर्मा ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि मृतक पर कोई वन अपराध दर्ज नहीं था और न ही उसे कोई नोटिस दिया गया था। टीम केवल वन अधिकार पट्टा से जुड़ी शिकायत की जांच के लिए गांव पहुंची थी।

