कांकेर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 18 अगस्त से 10 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के 16वें दिन कांकेर जिले के करीब 655 कर्मचारी अपने-अपने ब्लॉक में धरने पर बैठे रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने आकस्मिक रूप से दिवंगत हुए कोरबा के लैब टेक्नीशियन मुकेश कुमार चौहान को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा।
सरकार को अपनी मांगे मनवाने और “सद्बुद्धि” देने के लिए कर्मचारियों ने हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ और हवन-यज्ञ किया। कर्मचारियों ने कहा कि वे संविदा प्रथा का अंत चाहते हैं और अपनी मांगों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे।
पिछली कांग्रेस सरकार ने सभी संविदा कर्मचारियों के लिए 27% वेतन वृद्धि की थी, लेकिन एनएचएम कर्मचारियों को अब तक इस लाभ से वंचित रखा गया है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी अपने बयान में कहा था कि नियमितीकरण नहीं होना कांग्रेस की हार के कारणों में से एक है।
जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने बताया कि 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने घोषणा पत्र में समस्याओं के समाधान का वादा किया था, लेकिन 175 से अधिक ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बर्खास्तगी नोटिस के बाद आंदोलन और तेज हो गया है।
कांकेर ब्लॉक अध्यक्ष गौरव सोनी ने कहा, “दो दशक से शोषण सह रहे कर्मचारियों की स्थिति बेहद खराब है। अब हमने आर-पार की लड़ाई का फैसला कर लिया है।”
हड़ताली कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान को भ्रामक बताया कि “10 में से 5 मांगें पूरी कर ली गई हैं।” उनका कहना है कि सिर्फ एक मांग पर सर्कुलर जारी हुआ है, बाकी पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। कर्मचारी नियमितीकरण, स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर, ग्रेड पे और अनुकंपा नियुक्ति जैसी मांगों पर अड़े हुए हैं।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें दीपक वर्मा, गौरव सोनी, देवकुमार सोम, मनेन्द्र कुमार, डॉ. योगेश प्रजापति, दीपक राजपूत, संजीव मिश्रा, विनोद वैद्य, शीतल साहू समेत अन्य शामिल थे।

