गरियाबंद। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिला अस्पताल गरियाबंद में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली इस हद तक पहुंच गई है कि यहां मरीजों को इंजेक्शन लगाने का काम नर्स या वार्ड बॉय नहीं बल्कि एक महिला सिक्योरिटी गार्ड कर रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए गरियाबंद कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और सिविल सर्जन को नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
लोगों का कहना है कि जब जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की लापरवाही है, तो ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य अस्पतालों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

