CG Box News Blog Chhattisgarh Breaking News : छत्तीसगढ़ विधानसभा में अफीम खेती पर बवाल, विपक्ष का आरोप ‘धान का कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की साजिश?
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Breaking News : छत्तीसगढ़ विधानसभा में अफीम खेती पर बवाल, विपक्ष का आरोप ‘धान का कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की साजिश?

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को शून्यकाल के दौरान दुर्ग जिले में कथित अफीम की खेती का मामला जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रदेश में नशे का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दूर समोद क्षेत्र में विनायक ताम्रकार नाम के व्यक्ति की निजी जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण इसे “अफीम का कटोरा” बनाने की कोशिश हो रही है। उनका आरोप था कि इस पूरे मामले में प्रशासनिक संरक्षण की आशंका भी नजर आती है।

इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि इस मुद्दे में कांग्रेस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह खेती चार साल से चल रही थी, तो पिछली सरकार के समय कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि यह मामला होली से पहले सामने आया, जब गांव के लोग लकड़ी इकट्ठा करने गए थे और खेत में अफीम के पौधे देखे। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने खेत में अफीम की खेती की पुष्टि की, लेकिन एफआईआर में मुख्य आरोपी की जगह नौकर को प्रमुख आरोपी बताया गया है। उनके मुताबिक असली आरोपी का नाम बाद में जोड़ा गया है और पूरे मामले में लीपापोती की कोशिश की जा रही है।

वहीं उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि 6 मार्च को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दुर्ग जिले के समोद गांव के एक फार्म हाउस में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एनडीपीएस एक्ट  के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 6,242 किलोग्राम अफीम जब्त की गई। अगले दिन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में जब्ती की प्रक्रिया पूरी की गई और आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

गृह मंत्री ने बताया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में दो हजार से अधिक मामलों में पांच हजार से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया गया है और ड्रग तस्करों की संपत्ति की जांच के लिए वित्तीय जांच भी की जा रही है। अब तक 16 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

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