रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार में मंत्रियों की संख्या 11 से बढ़ाकर 14 किए जाने पर कांग्रेस ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस पर भाजपा ने पोस्टर जारी कर कांग्रेस से तीखा सवाल पूछा है कि आखिर वह किस समाज के मंत्री को हटाना चाहती है।
साय सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय संतुलन साधने की कोशिश की गई थी। नए मंत्रियों में अंबिकापुर के सांसद राजेश अग्रवाल (वैश्य समाज), दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव (यादव समाज) और गुरु खुशवंत साहेब (सतनामी समाज) को शामिल किया गया है।
भाजपा ने कांग्रेस की याचिका को इन समाजों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस को किस समाज का प्रतिनिधित्व मिलने पर आपत्ति है। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस किसी विशेष समाज के मंत्री को हटाना चाहती है?
इस याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। कांग्रेस का तर्क है कि संविधान के अनुच्छेद 164(1क) के अनुसार मंत्रियों की संख्या विधानसभा की कुल सीटों के 15% से अधिक नहीं हो सकती। 90 सीटों के हिसाब से अधिकतम 13 मंत्री बन सकते हैं, जबकि फिलहाल कैबिनेट में 14 सदस्य हैं।

