जांजगीर-चांपा। पिता का कर्ज चुकाने के लिए एक युवक ने अपनी मौत की झूठी कहानी गढ़ ली। युवक ने खुद को नदी में बह जाने की साजिश रची थी, ताकि बीमा का 40 लाख रुपये मिल सके। लेकिन जांजगीर साइबर टीम और पामगढ़ पुलिस की सक्रियता से पूरा राज़ बेनकाब हो गया।
गुमशुदा युवक कौशल श्रीवास (उर्फ मोनू, उम्र 21 वर्ष) ने अपने गांव में बाइक और मोबाइल छोड़कर परिवार को यह यकीन दिलाया कि वह नदी में डूब गया है। परंतु साइबर जांच में पता चला कि युवक जिंदा है और दिल्ली तक सफर कर चुका था।
23 अगस्त 2025 को जांजगीर साइबर टीम ने मुखबिर की सूचना पर युवक को बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र से सकुशल बरामद किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि पिता के लाखों रुपये का कर्ज चुकाने के लिए उसने यह योजना बनाई थी। युवक का 40 लाख का बीमा था और बीमा राशि हासिल करने के लिए उसने खुद को मृत घोषित करने की कोशिश की।
पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक ने परिवार और गांववालों को गुमराह किया है। उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में सायबर सेल जांजगीर और थाना पामगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही।

