बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्कूली बच्चों की जान पर बन आई है। दंतेवाड़ा और आसपास के जिलों में बच्चे टूटी पुलिया और उफनती नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। मीडिया रिपोर्ट और वायरल तस्वीरों-वीडियो के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस गंभीर मामले में सुनवाई शुरू कर दी है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विभू दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि यह बच्चों की जिंदगी से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है और ऐसी स्थिति लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं की जा सकती। कोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है और कहा है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने जानकारी दी कि टूटी पुलिया के स्थान पर बड़े पुल के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। तकनीकी जांच के बाद 12 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसे कांकेर कलेक्टर ने संशोधित कर 20 अगस्त 2025 को गृह मंत्रालय को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर पुल निर्माण का काम शुरू होगा।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह केंद्र से हुई बातचीत और अब तक की कार्रवाई पर नया हलफनामा 22 सितंबर तक दाखिल करे।