दुर्ग। इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी ही छोटी बहन के आठ माह के मासूम बेटे का अपहरण कर उसे लाखों रुपये में बेच दिया। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
पीड़िता सुखारिंग बाई (निवासी कसारीडीह, दुर्ग) ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बड़ी बहन संगनी पटना में आर्केस्टा में डांसर है। जून में उसने पीड़िता को बेटे के साथ पटना बुलाया और जुलाई में वापस लौटने के दौरान बहन और उसके प्रेमी ने दानापुर स्टेशन पर खाने का बहाना बनाकर बच्चे को लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। आरोपी संतोष पाल की मोबाइल लोकेशन से पुलिस ने उसे पकड़ा और पूछताछ में संगनी बाई, प्रदीप कुमार, डॉ. बादल और गौरी महतो का नाम सामने आया। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि संगनी बाई ने साजिश के तहत अपनी ही बहन के बेटे का अपहरण किया और प्रदीप को सौंपा। प्रदीप ने बच्चे को डॉ. बादल को दिया, जिसने 7 लाख रुपये में बच्चे को गौरी महतो को बेच दिया। बताया जा रहा है कि गौरी महतो की संतान नहीं है और पारिवारिक विवाद के चलते संपत्ति का वारिस चाहिए था। इस कारण उसने मासूम को खरीदने की साजिश रची।

