रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को विशेष अदालत में पेश किए जाने के बाद तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर कस्टोडियल रिमांड याचिका पर अब 19 अगस्त को सुनवाई होगी।
ईडी ने दावा किया है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से सीधे तौर पर 16.70 करोड़ रुपये की अवैध राशि (POC) प्राप्त हुई थी। इस राशि को छुपाने और मिलाने के लिए उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों का इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ सांठगांठ कर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फर्जी खरीदी के जरिए 5 करोड़ रुपये की राशि भी हासिल की।
ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति संचालन का आरोप है। वह कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष और अन्य प्रमुख सहयोगियों तक यह धन पहुंचाने में भी शामिल थे। फिलहाल इस घोटाले में कई बड़े नेता, पूर्व आईएएस अधिकारी और कारोबारी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
गौरतलब है कि ईडी ने चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट ने ईडी से 26 अगस्त तक जवाब मांगा है।

