बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मितानिनें अब अपने हक और अधिकारों के लिए सड़क पर उतर आई हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में मितानिनों ने जिला मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर सरकार से नियमितिकरण और मानदेय बढ़ाने की मांग की।
मितानिन संगठन का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान दे रही हैं, लेकिन उन्हें स्थायी रोजगार और उचित मानदेय से वंचित रखा गया है। आंदोलनरत मितानिनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप लेगा।
मितानिनों की मुख्य मांगें
सभी मितानिनों का नियमितिकरण किया जाए।
मानदेय को न्यूनतम वेतन के बराबर बढ़ाया जाए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली मितानिनों को विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाए।
कार्यस्थल पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
आंदोलनरत मितानिनों का कहना है कि उन्होंने अब तक सेवा भावना से काम किया है, लेकिन उनकी उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

