नैला-जांजगीर। जांजगीर का प्रसिद्ध श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव 2025 इस बार और भी खास होने वाला है। नैला के अग्रसेन भवन के सामने बन रहे इस पंडाल की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। भक्त 22 सितंबर से माता रानी के दर्शन कर सकेंगे।
इस बार का आयोजन 42वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, और आयोजकों ने भक्तों के लिए कई खास आकर्षण तैयार किए हैं –
140 फीट ऊंचा और 150 फीट चौड़ा प्रवेश द्वार – म्यांमार (बर्मा) के विश्व प्रसिद्ध श्वेत मंदिर की प्रतिकृति पर आधारित
भव्य स्टेज – अक्षरधाम मंदिर के प्रमुख गुंबद शीशमहल की तर्ज पर बनाया गया
35 फीट ऊंची माता रानी की हीरो-मोती प्रतिमा
अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का लेजर शो और भव्य लाइटिंग
डोम पंडाल की आकर्षक सजावट
पूरे प्रदेश और देशभर से लोग इस भव्य आयोजन को देखने आते हैं। यहां की भव्यता और भक्तों की श्रद्धा इस उत्सव को खास बनाती है।
इस आयोजन में 8 साल के बच्चों से लेकर 80-90 साल तक के बुजुर्ग तक अपनी सेवा देते हैं। यह एक ऐसा आयोजन है, जो पूरे नैला-जांजगीर को एक साथ जोड़ देता है।

माता की प्रतिमा की खासियत
मां दुर्गा की प्रतिमा इस बार कमल के फूल पर स्थापित होगी। सजावट सोने-चांदी, हीरे-मोती से जड़ित गहनों और लाल रंग की सुंदर साड़ी से की जाएगी। यह प्रतिमा भटगांव के प्रदीप देवांगन की 12 सदस्यीय टीम तैयार कर रही है।
नवरात्रि और विसर्जन
नवरात्रि का पर्व 22 सितंबर से शुरू होगा। दशहरा के दूसरे दिन माता रानी का विसर्जन किया जाएगा। अनुमान है कि हर दिन 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचेंगे।