सक्ती जिले के बासीनपाट और सोनगुढ़ा गांवों में जंगली हाथियों के लगातार विचरण से ग्रामीणों में डर का माहौल है। दोनों गांवों में 13-13 हाथियों के झुंड देखे गए हैं, जो खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आने से खेतों की फसलें पूरी तरह रौंदी जा चुकी हैं। किसान जयनारायण गीते ने बताया, “रात को हाथी खेतों में घुस आए, सुबह देखा तो हमारी धान की फसल चौपट हो गई।” ऐसे में किसानों की आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है।
वन विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए गांव-गांव मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। साथ ही हाथियों की वास्तविक स्थिति और दिशा का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू कर दी गई है। इससे समय पर ग्रामीणों को अलर्ट किया जा सकेगा।
ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वे जल्द उचित कदम उठाएं ताकि फसलों को नुकसान और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। वन विभाग ने कहा है कि हाथियों को खतरनाक क्षेत्रों से दूर करने और उन्हें जंगल की ओर लौटाने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
हाथियों के लगातार गांवों में आने से ग्रामीण चिंता में हैं, वहीं प्रशासन और वन विभाग की निगरानी से कुछ हद तक राहत की उम्मीद बनी हुई है।

