बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (जीजीयू) के विवेकानंद हॉस्टल में छात्र की संदिग्ध मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एबीवीपी ने कहा कि जांच कमेटी में रिटायर्ड जज, आईपीएस अधिकारी, अभिभावक प्रतिनिधि, छात्र प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हों। साथ ही विंग वार्डन, चीफ वार्डन और सुरक्षा अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग भी की गई है।

एबीवीपी जीजीयू इकाई अध्यक्ष तुषार साहू ने हॉस्टल प्रशासन पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लापता छात्र की रिपोर्ट समय पर दर्ज नहीं की गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
इकाई मंत्री प्रसून पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की दिखावटी व्यवस्था और जवाबदेही की कमी के कारण एक मेधावी छात्र की जान गई है। उन्होंने कहा कि मृतक छात्र और उसके परिवार को न्याय और उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
इकाई उपाध्यक्ष अविनाश और पीयूष ने कहा कि यह घटना विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती है। परिसर में शव मिलना अत्यंत गंभीर मामला है, जिसकी पारदर्शी जांच आवश्यक है।
इस दौरान हेमांशु कौशिक, अतिंद्र दीवान, आराध्य तिवारी, जितेंद्र साहू, शाश्वत शुक्ला, शानू वैष्णव, राहुल, मानसी, राशि, हिमांशु प्रधान, समीर, रश्मि, मोहित राय सहित एबीवीपी के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।