डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में तेज रफ्तार का कहर एक मासूम जिंदगी छीन ले गया। भिलाई से मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पैदल डोंगरगढ़ जा रही 21 वर्षीय महिमा साहू की मौत 24 सितंबर की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में हो गई। हादसा सोमनी थाना क्षेत्र के ग्राम मनकी के पास नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां तेज रफ्तार थार (क्रमांक CG 04 QC 8007) ने महिमा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

सूत्रों का कहना है कि कार चलाने वाला नाबालिग युवक अपनी गर्लफ्रेंड को इम्प्रेस करने के लिए स्टंटबाजी कर रहा था। रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस नाबालिग ने नियंत्रण खो दिया और हादसा हो गया। पुलिस ने कार जब्त कर वाहन मालिक रजत सिंह, नयन सिंह, राजू कुमार धुर्वे और नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 106, 61(2), 238 बीएनएस और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लापरवाही और तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
पुलिस के अनुसार, घटना का कारण स्पष्ट रूप से लापरवाही और तेज रफ्तार थी। यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा की पोल खोलता है बल्कि इस सवाल को भी उठाता है कि आखिर नाबालिग बच्चों को अभिभावक इतने महंगे वाहन क्यों थमा देते हैं।
स्थानीय लोगों का गुस्सा – हाइवे पर सुरक्षा इंतजाम नदारद
ग्रामीणों का कहना है कि नेशनल हाईवे पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की वजह से हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। यह हादसा पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और अभिभावकों की गैरजिम्मेदारी मिलकर मासूमों की जान खतरे में डाल रही है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।