कांकेर | कांकेर जेल में आदिवासी कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद तेज हो गया है। 6 दिसंबर को घंटों चक्काजाम के बाद आज आदिवासी समाज और कांग्रेस ने मिलकर बस्तर बंद रखा, जो कई जिलों में असरदार रहा। इस बीच कांग्रेस की जांच टीम मयाना गांव पहुंची और परिवार से मुलाकात की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे और घटना पर गंभीर सवाल उठाए।

बघेल ने आरोप लगाया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने कहा कि जीवन ठाकुर को झूठे केस में फंसाकर जेल में प्रताड़ित किया गया, भोजन-इलाज में लापरवाही बरती गई और बीमारी के बाद भी सही उपचार नहीं दिया गया। बघेल ने सीएम विष्णुदेव साय से निष्पक्ष जांच की मांग की।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने मेडिकल जांच और जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीमारी की जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

जीवन ठाकुर की 4 दिसंबर को मौत हुई थी। परिवार का आरोप है कि उन्हें बिना सूचना रायपुर जेल भेजा गया और तबीयत बिगड़ने से लेकर मौत तक परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी गई। बढ़ते विवाद के बीच शासन ने कांकेर जेलर को हटा दिया, लेकिन परिवार व आदिवासी समाज दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
मामला जमीन विवाद में 12 अक्टूबर को की गई गिरफ्तारी से जुड़ा है।
