रायपुर, छत्तीसगढ़ – फार्मासिस्टों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल द्वारा रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण शुल्क में की गई तीन गुना बढ़ोतरी और अध्यक्ष-सदस्यों के भत्तों में दो गुना इजाफे के फैसले को अब निरस्त कर दिया गया है।
यह फैसला तब पलटा गया जब इस मुद्दे ने व्यापक विरोध का रूप ले लिया। लल्लूराम डॉट कॉम की खबर के बाद मामले ने तेजी से तूल पकड़ा और काउंसिल के अंदर से ही आवाजें उठने लगीं। काउंसिल के सदस्य डॉ. राकेश गुप्ता और भगतराम ने इस निर्णय को अनुचित बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को पत्र लिखा और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए और काउंसिल को बढ़ी हुई फीस और भत्तों पर रोक लगाने का निर्देश दिया। उनके हस्तक्षेप के बाद अब यह निर्णय वापस ले लिया गया है।
फार्मासिस्ट समुदाय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मंत्री का आभार जताया है और इसे जनहित में लिया गया सकारात्मक कदम बताया है।
