बालोद। छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध तांदुला जलाशय एक बार फिर ओवरफ्लो होने की कगार पर है। बीते दिनों हुई लगातार बारिश से जलाशय में पानी का स्तर 37.5 फीट तक पहुंच गया है, जबकि ओवरफ्लो के लिए सिर्फ आधा फीट पानी और जरूरी है। जिले के लोग और सैलानी इस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, तांदुला जलाशय का ओवरफ्लो पूरे जिले में खुशहाली का संकेत होता है। जलाशय भरने के बाद तांदुला नदी में ताजा पानी का प्रवाह शुरू हो जाता है, जिससे भूमिगत जलस्तर रिचार्ज होते हैं। इसके अलावा जलकुंभियों की सफाई भी स्वतः हो जाती है, जिससे सालभर जिले में पेयजल की कमी नहीं रहती। यह जलाशय भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रमुख जल स्रोत है और लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई भी यहीं से होती है।
स्थानीय निवासी गिरीश देशमुख के मुताबिक, तांदुला जलाशय का इतिहास बहुत पुराना है और इसका ओवरफ्लो देखना हमेशा रोमांचक अनुभव होता है। वर्तमान में आसपास के गांवों और कस्बों से लोग जलाशय का नजारा देखने पहुंच रहे हैं। जिले के लोगों को अब सिर्फ आधा फीट बारिश का इंतजार है, जिसके बाद तांदुला जलाशय का पानी सेफ्टी वाल से बहते हुए पूरे क्षेत्र में खुशहाली का संदेश देगा।
