जांजगीर-चांपा। कभी पुलिस पर हमला करने के लिए कुख्यात रहा पामगढ़ क्षेत्र का सेमरिया गांव अब बदल रहा है। वही ग्रामीण, जिन्होंने कुछ साल पहले अवैध महुआ शराब पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला किया था, अब शराब न बनाने की शपथ ले रहे हैं।
यह पहल जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय और SDOP अकलतरा प्रदीप सोरी के नेतृत्व में हुई, जिसमें समाज के गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया।
पुलिस की समझाइश और प्रेरणा से सबरीया समाज के लोगों ने अब स्वरोजगार की राह पकड़ी है। ग्रामीणों को बिहान योजना से जोड़ते हुए उन्हें मशरूम उत्पादन, डिटर्जेंट निर्माण, गेंदा खेती जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। आगामी 5 नवंबर को पामगढ़ सामुदायिक भवन में स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा।

कभी हुआ था हमला, अब जागरूकता का संदेश
तीन वर्ष पूर्व इसी गांव में पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ था। ममता गोंड़ के घर से 12 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। घटना में टीआई ओपी कुर्रे समेत कई जवान घायल हुए थे।
लेकिन अब वही गांव नशामुक्ति की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जो पुलिस और प्रशासन के लगातार प्रयासों का परिणाम है।
