March 6, 2026
Bunglow no-18, Aishwarya Residency, Near VIP Chowk, Raipur, Chhattisgarh, 492001
Chhattisgarh Politics

T.S.Singhdev: रामगढ़ पर्वत की धरोहर पर खतरा, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की पहल पर बनी ‘रामगढ़ संरक्षण समिति’

T.S.Singhdev
T.S.Singhdev

सरगुजा। सरगुजा की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर रामगढ़ पर्वत को कोल प्रोजेक्ट से संभावित खतरे के मद्देनज़र पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की पहल पर एक गैर-राजनीतिक संगठन “रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्द्धन समिति” का गठन किया गया है।

T.S.Singhdev
T.S.Singhdev

हाल ही में वन विभाग द्वारा केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक पर जारी सर्वे रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि रामगढ़ पर्वत खदान से 10 किमी से अधिक दूरी पर है। इस रिपोर्ट को आधार बनाकर खदान के लिए अनापत्ति दी गई। लेकिन कांग्रेस शासनकाल में हुई पुरानी सर्वे रिपोर्ट में रामगढ़ पर्वत को 10 किमी के दायरे में बताया गया था और संभावित नुकसान को देखते हुए उस समय खदान को मंजूरी नहीं दी गई थी।

सिंहदेव ने कहा कि खदानों की ब्लास्टिंग से रामगढ़ पर्वत पर पहले से दरारें पड़ चुकी हैं और अगर नजदीक में खदान शुरू हुई तो पहाड़ का अस्तित्व ही खतरे में आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामगढ़ पर्वत सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर है। इसे बचाने के लिए राजनीति से ऊपर उठकर सभी वर्गों को एकजुट होना होगा।

T.S.Singhdev
T.S.Singhdev

उन्होंने क्षेत्रीय नागरिकों, पुजारियों और संगठनों की मौजूदगी में बैठक कर यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले इस प्रोजेक्ट को इसलिए खारिज किया था ताकि रामगढ़ पर्वत और लेमरू हाथी प्रोजेक्ट दोनों की रक्षा हो सके।

बैठक में उन्होंने स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान का स्वागत किया, जिसमें कहा गया था कि रामगढ़ पर्वत को नुकसान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस बैठक में बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे जिनमें राकेश गुप्ता, सिद्धार्थ सिंहदेव, ओमप्रकाश सिंह, राजनाथ सिंह, भोजवंती सिंह और अंचल ओझा शामिल थे।