कोंडागांव | छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार को 1 लाख रुपए के इनामी नक्सली पिलसाय कश्यप ने पुलिस अधीक्षक वाॅय अक्षय कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। बताया जा रहा है कि नक्सल संगठन के भीतर लगातार बढ़ते मतभेद और सरकार की पुनर्वास नीति 2025 से प्रभावित होकर उसने सरेंडर का फैसला लिया।
पिलसाय, पूर्वी बस्तर डिवीजन के आमदई एलओएस (कृषि विभाग) में सदस्य के रूप में लंबे समय से सक्रिय था और कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। इनमें आईटीबीपी जवानों की हत्या, जियो टावर में आगजनी और लूट की घटनाएं शामिल हैं।
आत्मसमर्पण के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश कुमार डांडे, डीएसपी सतीष भार्गव और सीआरपीएफ 188वीं बटालियन के अधिकारी मौजूद रहे। पिलसाय को सरकार की नीति के तहत तत्काल 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।
पुलिस अधीक्षक वाॅय अक्षय कुमार ने कहा कि सरकार की संवेदनशील नीति के कारण लगातार नक्सली हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। यह कदम अन्य नक्सलियों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगा।
