रायपुर। आमतौर पर लोग मानते हैं कि कुत्तों से होने वाला खतरा केवल उनके काटने तक ही सीमित है। लेकिन चिकित्सकों और शोधों के अनुसार सच्चाई इससे कहीं आगे है। कुत्तों के यूरिन (मूत्र), लार और मल के संपर्क में आने से भी कई गंभीर बीमारियां इंसानों तक पहुंच सकती हैं। यही वजह है कि पालतू या आवारा कुत्तों के आसपास रहते समय साफ-सफाई और सावधानी बेहद जरूरी है।
लेप्टोस्पायरोसिस
कुत्तों के मूत्र में मौजूद बैक्टीरिया इंसानों में लेप्टोस्पायरोसिस नामक बीमारी पैदा कर सकते हैं। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीलिया और गंभीर मामलों में लीवर व किडनी डैमेज शामिल हैं। बारिश के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है।
अन्य खतरे
रैबीज : संक्रमित कुत्तों की लार से फैल सकता है।
फंगल इंफेक्शन: त्वचा पर लाल चकत्ते और खुजली का कारण।
पैरासाइटिक रोग: आंतों से जुड़े संक्रमण फैला सकते हैं।
बचाव
पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण कराएं।
कुत्तों के मल और यूरिन को तुरंत साफ करें।
बच्चों को कुत्तों के ज्यादा नजदीक जाने से बचाएं।
किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

