बालौदाबाजार। जिले के ग्राम कोलिहा का आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली का शिकार है। जिस केंद्र में छोटे-छोटे बच्चों को पोषण और सुरक्षा मिलनी चाहिए, वहां चारों तरफ जर्जर दीवारें, टूटे टाइल्स और खस्ताहाल ढांचा देखने को मिल रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि कई बार सरपंच और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक कोई सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ है। बच्चों को ऐसी जर्जर इमारत में बैठाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
आंगनबाड़ी केंद्र की दीवारें उखड़ चुकी हैं, फर्श के टाइल्स टूटकर बाहर निकल आए हैं और भवन में न तो बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था। हालात इतने खराब हैं कि बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है और बच्चे कीचड़ व गंदगी में बैठने को मजबूर होते हैं।
गांव के अभिभावकों ने सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों का बजट आने के बावजूद बच्चों के भविष्य की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत नहीं करवाई गई, तो वे जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
ग्राम कोलिहा के लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर सरपंच और पंचायत समिति बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर कब जागेगी?
