रायपुर। मेडिकल छात्रा से यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपित प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। उच्चतम न्यायालय की डबल बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार करते हुए उनकी विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।
इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज किया था कि आरोप बेहद गंभीर और संवेदनशील हैं। अदालत ने स्पष्ट किया था कि मामला महिला की गरिमा और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़ा है।
पूरा मामला
पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज, रायपुर के कम्युनिटी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा पर उनकी ही विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए। छात्रा का कहना है कि सिन्हा बार-बार अपने केबिन में बुलाकर छेड़छाड़ (बैड टच) करते थे और विरोध करने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देते थे।
पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी डिजिटल माध्यम से आपत्तिजनक संदेश भेजते थे। लगातार परेशान होने के बाद जनवरी 2025 में छात्रा ने डीएमई को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन जांच में क्लीन चिट मिल गई।

इसके बाद छात्रा ने कॉलेज की विशाखा कमेटी में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद आरोपों को सही मानते हुए डॉ. सिन्हा को एचओडी पद से हटा दिया गया। फिर भी हरकतें न रुकने पर पीड़िता ने मौदहापारा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा।
