जगदलपुर। बस्तर संभाग में नक्सलियों का खौफ लगातार जारी है। निर्दोषों की हत्या कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की माओवादी साजिश फिर बेनकाब हुई है। अति संवेदनशील इलाकों में बच्चों को शिक्षा देने के लिए काम कर रहे 8 शिक्षादूतों की हत्या डेढ़ साल में कर दी गई है। इन हत्याओं से माओवादियों ने एक बार फिर अपनी पुरानी रणनीति दोहराई है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने इन घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि निर्दोषों की हत्या करने वाले माओवादियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस हर एक माओवादी कैडर और उनके सहयोगियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाएगी।
आईजी बोले – यह कायराना हरकत है
आईजी ने कहा कि शिक्षादूतों को पुलिस मुखबिर बताना माओवादियों का कायराना प्रयास है, ताकि स्थानीय लोगों में डर फैलाकर वे अपने कमजोर होते मनोबल को संभाल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं और माओवादी हिंसा के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में हुई इन हत्याओं की निंदा पूरे क्षेत्र में की जा रही है। प्रशासन और पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
