गरियाबंद । उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र तौरेंगा में शिकारियों के जाल में फंसकर एक तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया। गले में दो तार वाले फंदे फंसे होने के कारण तेंदुआ बीते सात दिनों से दर्द और दम घुटने की हालत में था। कमजोरी के चलते वह आबादी क्षेत्र के पास झाड़ियों में छिपा मिला और दहाड़ता रहा।

ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग हरकत में आया। सहायक संचालक गोपाल कश्यप (SDO) के नेतृत्व में एंटी-पोचिंग टीम और ड्रोन की मदद से तेंदुए की तलाश की गई। ड्रोन फुटेज में उसके गले पर गहरे जख्म साफ नजर आए। जंगल सफारी टीम के पहुंचने से पहले अंधेरा होने की आशंका को देखते हुए SDO ने जान की परवाह किए बिना खुद रेस्क्यू ऑपरेशन संभाला। इस दौरान तेंदुए ने हमला भी किया, लेकिन सूझबूझ से उसे पिंजरे में सुरक्षित बंद कर लिया गया।

रात में डॉक्टरों की टीम ने तेंदुए को बेहोश कर फंदे निकाले और इलाज शुरू किया। उपनिदेशक वरुण जैन ने पुष्टि की कि तेंदुआ करीब 4 साल का नर है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। स्वस्थ होने पर उसे जंगल में छोड़ा जाएगा। अज्ञात शिकारियों की सूचना देने पर ₹5,000–₹10,000 का इनाम घोषित किया गया है।
