जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों मानहानि का मामला चर्चा में है। पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश को झूठे आरोप लगाने के मामले में कानूनी नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस देवेश तिवारी की ओर से एडवोकेट एच.सी. सिद्धार्थ तिवारी ने जारी किया है।
मामला उस वक्त उछला, जब रेत माफिया से जुड़े एक ऑडियो वायरल होने के बाद विधायक शेषराज हरबंश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देवेश तिवारी पर संगीन आरोप लगाए। इसके बाद देवेश तिवारी की ओर से इसे बेबुनियाद और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया।
नोटिस में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि यदि विधायक शेषराज हरबंश सात दिन के भीतर निशर्त माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ सिविल और क्रिमिनल मानहानि का मुकदमा (भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500) दर्ज किया जाएगा।
यही नहीं, इस मामले की कवरेज करने वाले पत्रकारों को भी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर लगाए गए आरोपों को साबित नहीं किया गया तो 50 लाख रुपये के हर्जाने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब राजनीतिक और मीडिया जगत दोनों में सुर्खियों में है। एक ओर विपक्ष इस घटनाक्रम को लेकर सक्रिय है, तो वहीं समर्थकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक शेषराज हरबंश इस नोटिस का क्या जवाब देंगी ।
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