जगदलपुर। बस्तर जिले में गरीबों का हक मारा गया है। खाद्य विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि जिले के 7 ब्लॉकों की 84 सरकारी राशन दुकानों से 6565 क्विंटल चावल गायब है। इसकी बाजार कीमत करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये बताई जा रही है। यह खुलासा विभाग की नियमित जांच के दौरान हुआ, जिसके बाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि गरीबों के हिस्से का अनाज आखिर गया कहां? विभाग ने सभी संबंधित राशन दुकानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, कुछ दुकानों से वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीडीएस के अनाज की आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही और कई बार पात्र लोगों को मिलने वाला चावल अपात्र लोगों तक पहुंच जाता है। उन्होंने इस बार कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे घोटाले रुकने वाले नहीं हैं।
जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम राठौर ने बताया कि भौतिक सत्यापन के दौरान ही यह गड़बड़ी सामने आई। मामले की विस्तृत जांच के लिए संबंधित एसडीएम को रिपोर्ट सौंप दी गई है।
