बिलासपुर। बिलासपुर से रायपुर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-130 अब अपनी खस्ता हालत को लेकर सवालों के घेरे में है। मंगलवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को कोर्ट में तलब किया और फटकार लगाई। कोर्ट ने प्रोजेक्ट मैनेजर से 3 सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि NH की मरम्मत कब तक पूरी होगी।
इससे पहले सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने हाईवे की खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि मैनेजर को इसी जर्जर सड़क मार्ग से होकर कोर्ट पहुंचना होगा ताकि सड़क की वास्तविक स्थिति को स्वयं महसूस कर सकें।
कोर्ट ने कहा कि यह सड़क राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर को जोड़ने का प्रमुख मार्ग है, जिससे बस्तर, सरगुजा, रायपुर और बिलासपुर संभाग के हजारों लोग रोजाना यात्रा करते हैं। इसके बावजूद, हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही से सड़क की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि सड़क पर लगाए गए स्टॉपर अव्यवस्थित और लावारिस पड़े हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी अपने कर्तव्यों में गंभीर नहीं है और जवाबदेही से बच नहीं सकती।
