भारत ने अपनी न्यूक्लियर सबमरीन INS अरिघट से पहली बार बैलिस्टिक मिसाइल K-4 का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल 3500 किलोमीटर की रेंज तक मार करने में सक्षम है। भारतीय नौसेना ने इस परीक्षण के माध्यम से एक महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया है, जो देश की सुरक्षा को और मजबूत करता है।
K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण पूरी रेंज के लिए किया गया, और परीक्षण के परिणामों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस मिसाइल के परीक्षण से भारत को सेकेंड स्ट्राइक क्षमता प्राप्त होती है, यानी यदि जमीन पर स्थिति अनुकूल न हो, तो इस मिसाइल को न्यूक्लियर सबमरीन से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे देश की रक्षा क्षमता में और वृद्धि होती है।
INS अरिघट का संचालन स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड द्वारा किया जाता है, और यह मिसाइल परीक्षण भारतीय नौसेना की समंदर से तगड़ी मिसाइल क्षमता को उजागर करता है। यह परीक्षण भारत के रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है, जो सामरिक दृष्टिकोण से देश को और अधिक आत्मनिर्भर बनाता है।