महासमुंद, 2 मई — जब पूरा देश भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया जैसे पावन पर्वों को आस्था और श्रद्धा के साथ मना रहा था, उसी समय छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना सामने आई है। जिले के पिथौरा नगर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में बकरा पार्टी आयोजित की गई और ब्रांडेड शराब का सेवन किया गया।
विद्यालय बना शराब पार्टी का अड्डा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना पर्व के दिन दोपहर के समय की है, जब विद्यालय परिसर में कुछ लोगों ने खुलेआम मांसाहारी भोज (बकरा पार्टी) का आयोजन किया और शराब का सेवन किया। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ एक शासकीय शैक्षणिक संस्था के प्रांगण में हुआ, जो संविधान के अनुसार शिक्षा और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक भावनाएं आहत, स्कूल प्रशासन पर सवाल
यह घटना उस दिन हुई जब हिंदू समाज भगवान परशुराम की जयंती और अक्षय तृतीया जैसे पवित्र पर्वों पर पूजा-पाठ और दान-पुण्य में संलग्न था। ऐसे मौके पर विद्यालय परिसर में इस तरह की गतिविधि से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। सोशल मीडिया पर इसका विरोध शुरू हो गया है और स्थानीय हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक चुप्पी पर नाराजगी
इस पूरे मामले को लेकर अभी तक विद्यालय प्रबंधन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे लोगों में और ज्यादा गुस्सा और निराशा है। पिथौरा नगर में घटना के विरोध में प्रदर्शन की भी संभावना जताई जा रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग
हिंदू समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले में तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल जैसे पवित्र स्थल को अपवित्र करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना सिर्फ धार्मिक भावनाओं पर प्रहार नहीं, बल्कि शैक्षणिक संस्थाओं की गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
