रायपुर। राजधानी रायपुर के बहुचर्चित लेकिन लंबे समय से अधूरे पड़े स्काईवॉक प्रोजेक्ट को आखिरकार फिर से रफ्तार मिलने जा रही है। जयस्तंभ चौक से शास्त्री चौक तक प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य शासन ने 37 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। लगभग 8 साल से ठप इस परियोजना को फिर से शुरू करने की तैयारी तेज़ हो गई है।
स्काईवॉक प्रोजेक्ट की शुरुआत राजधानी के ट्रैफिक को सुगम बनाने और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए की गई थी। लेकिन तकनीकी, प्रशासनिक और राजनीतिक कारणों के चलते यह परियोजना वर्षों से अधर में लटकी रही। अब शासन की नई मंजूरी के साथ इस अधूरे प्रोजेक्ट को पूर्ण करने की कवायद शुरू हो चुकी है।
सियासी तकरार भी तेज
प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करने के फैसले के साथ ही राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे ‘विफल योजनाओं को दुबारा बेचने की कोशिश’ बताया है, वहीं सत्ता पक्ष का दावा है कि यह जनता की सुविधा के लिए आवश्यक कदम है और पूर्ववर्ती सरकार की लापरवाही के कारण ही यह अधूरा रह गया था।
नागरिकों को उम्मीद
रायपुरवासियों को इस बात की उम्मीद है कि इस बार यह प्रोजेक्ट सचमुच पूरा होगा और शहर को एक आधुनिक और सुरक्षित पैदल यात्री मार्ग मिलेगा। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने प्रोजेक्ट के फिर से शुरू होने पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है — कुछ इसे शहर के सौंदर्य और सुविधा की दृष्टि से बेहतर बता रहे हैं, तो कुछ को निर्माण कार्य के दौरान होने वाली असुविधाओं की चिंता है।
आगे की राह
जानकारी के अनुसार, जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और ठेकेदार का चयन कर निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना को अगले एक से डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अधूरे सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी अब प्रशासन और शासन पर है — क्या इस बार स्काईवॉक हकीकत बन पाएगा, यह देखने वाली बात होगी।
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