राजनांदगांव। जिले में डीएपी और यूरिया की किल्लत के बीच किसानों की शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। किसान संघ की मांग पर कृषि विभाग की टीम ने कई निजी कृषि केंद्रों पर छापा मारा, जहां भारी मात्रा में खाद का अवैध भंडारण पाया गया।
जमाखोरी और कालाबाजारी की पुष्टि होते ही कई गोदाम सील कर दिए गए हैं। किसानों का आरोप है कि सहकारी समितियों में खाद नहीं मिल रही, जबकि निजी दुकानों में अधिक दामों पर खुलेआम बेचा जा रहा है।
मंगलवार को किसान संघ के पदाधिकारी जिला कलेक्टोरेट पहुंचे और खाद की कृत्रिम कमी को लेकर विरोध दर्ज कराया। जब अधिकारियों ने खाद की उपलब्धता से इनकार किया, तब किसान संघ के आग्रह पर गोदामों की जांच की गई।
इस दौरान अमन इंटरप्राइजेस (नंदई) और हल्दी क्षेत्र के एक अन्य कृषि केंद्र में भारी मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद मिला। किसान संगठन का आरोप है कि किसानों से एमआरपी से अधिक मूल्य वसूला जा रहा था और साथ में गैरजरूरी खाद जबरन थमाई जा रही थी।
कुछ दुकानों में सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए किसानों से आधार कार्ड मांगा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग की मौजूदगी में संबंधित गोदाम सील कर दिए गए हैं।
कृषि विभाग पर पहले से ही कार्रवाई न करने का आरोप है। हाल ही में खैरागढ़ के हिंगलाज और चंद्रा कृषि केंद्र में भी इसी तरह की शिकायतें मिली थीं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।
