छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ में खराब होती मूलभूत सुविधाओं, बढ़ते भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, नशे की गिरफ्त, मिलावटी दवाओं और चरमराती सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब एक नई राजनीतिक पहल सामने आई है। जन चेतना भारत पार्टी ने प्रदेश में “ईमानदार जन-गवर्नेंस” का संकल्प लिया है।
पार्टी के संस्थापक सदस्य जसबीर सिंह चावला (बिलासपुर), जयंत गायधने (रायपुर) और अभिषेक बाफना (महासमुंद) ने कहा कि लगातार 25 वर्षों से छत्तीसगढ़ में कथनी–करनी के अंतर ने जनता को निराश किया है, इसलिए अब एक नई वैकल्पिक राजनीति की आवश्यकता है।
पार्टी का दावा है कि प्रदेश में मिलावटी खाद्य सामग्री, नकली दवाइयाँ, असीमित भ्रष्टाचार, शराब और नशे का विस्तार, बढ़ती महंगाई और गुंडागर्दी चरम पर पहुँच चुकी है जिससे युवा पीढ़ी का भविष्य संकट में है।
जन चेतना भारत पार्टी का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़कों, पेयजल, स्वच्छता, तालाबों के रखरखाव और जनसुरक्षा की स्थिति अब ‘बेहद चिंताजनक’ है।
पार्टी ने आदिवासियों के जंगल–जल–जमीन अधिकारों पर हो रहे लगातार अतिक्रमण को “गंभीर धोखा” बताया और कहा कि किसानों को आज भी अपने उत्पादन का वास्तविक मूल्य नहीं मिल रहा।
पार्टी का दावा है—
“छत्तीसगढ़ अब सिर्फ आयोजन, विज्ञापन और वादों की राजनीति नहीं सहेगा। जनता बदलाव के लिए तैयार है।”
अंत में पार्टी ने नारा दिया—
“अब हमन बदलबो छत्तीसगढ़।”
