रायपुर। राजधानी समेत पूरे देश में 27 अगस्त से गणेशोत्सव का शुभारंभ हो रहा है। इस बार भी रायपुर में डीजे बजाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। बुधवार को रायपुर पुलिस ने डीजे संचालकों के साथ बैठक की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया।
रायपुर एएसपी लखन पटले ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार डीजे पर रोक लागू रहेगी। केवल पारंपरिक वाद्ययंत्र ही बजाए जा सकेंगे। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
एएसपी ने चेतावनी दी कि डीजे संचालन के लिए किसी तरह की NOC नहीं दी जाएगी। अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक स्थानों से 100 मीटर की दूरी पर डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। रात 10 बजे के बाद डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, रायपुर डीजे-धुमाल संघ के अध्यक्ष गौतम महानंद ने कहा कि डीजे नहीं बजाने से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। उन्होंने ऐलान किया कि इस बार गणेशोत्सव में कम साउंड पर डीजे-धुमाल बजाया जाएगा। संघ ने यह भी कहा कि पिछले साल भारी चालान भरना पड़ा था, लेकिन गणेशोत्सव हिंदुओं का प्रमुख पर्व है और गणपति बप्पा के आगमन व विसर्जन पर डीजे-धुमाल जरूर बजेगा।
ये है सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन

