June 6, 2026
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Chhattisgarh

नक्सल प्रभावित जिलों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जिला निर्माण समिति का गठन

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए “जिला निर्माण समिति” के गठन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इन क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

समिति की संरचना और कार्यक्षेत्र

जिला निर्माण समिति का नेतृत्व जिला कलेक्टर करेंगे, जबकि समिति में पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, डीएफओ, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला कोषालय अधिकारी और संबंधित कार्य के जिला प्रमुख अधिकारी सदस्य होंगे। समिति संपूर्ण राजस्व जिले में निर्माण कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

निर्माण कार्यों की प्रक्रिया

  • निर्माण कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी जाएगी।
  • यदि किसी कार्य के लिए तीन बार ऑनलाइन निविदा आमंत्रित करने पर भी ठेकेदार उपलब्ध नहीं होते हैं, तो ऐसे आवश्यक निर्माण कार्य जिला निर्माण समिति के माध्यम से कराए जाएंगे।
  • नक्सल प्रभावित ब्लॉकों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में समिति के माध्यम से निर्माण कार्य कराने की अनुशंसा नहीं की गई है।
  • स्थानीय निधियों (DMF/CSR आदि) से कराए जाने वाले कार्यों को प्राथमिकता से PWD/RES/PMGSY जैसी एजेंसियों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। यदि तीन बार निविदा जारी करने के बाद भी कार्य निष्पादित नहीं होता, तो जिला निर्माण समिति को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया जा सकता है।

निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी

  • समिति के माध्यम से 10 करोड़ रुपये तक के निर्माण कार्य किए जा सकेंगे।
  • अत्यावश्यक कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग द्वारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
  • बड़े कार्यों को सुविधा अनुसार दो या अधिक भागों में विभाजित किया जा सकता है, जैसे पुल-पुलियों और सड़क निर्माण कार्य के लिए अलग-अलग ठेकेदार नियुक्त किए जा सकते हैं।
  • कार्यों की गुणवत्ता और लागत में समानता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

निर्माण कार्यों की दरों का मूल्यांकन

  • निविदा स्वीकृत करने से पहले दरों की उचितता की पुष्टि की जाएगी।
  • पिछले तीन महीनों में जारी समान प्रकृति के कार्यों की दरों को आधार मानकर निर्णय लिया जाएगा।
  • दरों की उचितता का विस्तृत विश्लेषण श्रम, सामग्री और माल ढुलाई की बाजार दरों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

सरकार की मंशा और प्रभाव

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों को गति मिलेगी, प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। यह निर्णय सरकार के “विकास, विश्वास और पारदर्शिता” के मूल सिद्धांतों को सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

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