March 11, 2026
Bunglow no-18, Aishwarya Residency, Near VIP Chowk, Raipur, Chhattisgarh, 492001
Breaking news Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: तीन साल में 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन वर्षों में ९ बाघ और ३८ हाथियों की मौत हुई है। इसके अलावा ५६२ अन्य वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत के मामले भी सामने आए हैं।

यह जानकारी राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप ने विधानसभा में दी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने राज्य में बाघ, हाथी और अन्य वन्यजीवों की मौत को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में वन मंत्री ने यह आंकड़े पेश किए।

वन मंत्री के अनुसार, वर्ष २०२४ में सबसे अधिक १८ हाथियों की मौत हुई। इन घटनाओं में रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर, सूरजपुर, धमतरी और बिलासपुर जिले शामिल हैं।

वर्ष २०२५ में १६ हाथियों की मौत हुई, जिनमें रायगढ़ और धरमजयगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक मामले सामने आए।

साल २०२६ में अब तक दो हाथियों की मौत हुई है। इनमें से एक घटना उदंती सीतानदी बाघ अभयारण्य क्षेत्र में हुई है।

वन मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में ९ बाघों की मौत हुई है। इनमें से कई मामले अचानकमार बाघ अभयारण्य और अचानकमार-अमरकंटक जैवमंडलीय रिजर्व क्षेत्र से सामने आए हैं।