बिलासपुर। बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सरकारी विमान से छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए सार्वजनिक मंच से बयान दिया, जिससे सियासी हलकों में हलचल मच गई।
बिलासपुर दौरे पर पहुंचे भूपेश बघेल ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर चंदा वसूली को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने गृह मंत्री विजय शर्मा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे चाहे जिस माध्यम से बाबा को प्रदेश लाएं, लेकिन चंदा लेने की प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा का जिक्र करते हुए भी कटाक्ष किया और कहा कि यदि एक लोटा जल से समस्याओं का समाधान संभव है, तो फिर चंदा जुटाने की आवश्यकता क्यों पड़ती है। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बयान पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सनातन धर्म पर किसी एक का अधिकार नहीं है और इसे लेकर सवाल पूछना गलत नहीं माना जाना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद धार्मिक आस्था, सरकारी संसाधनों के उपयोग और राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
