रायपुर संभाग में भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। आज रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने अपने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ आयोजित कलेक्टर कांफ्रेंस में यह फैसला लिया।
मुआवजा सूची होगी सार्वजनिक
संभाग आयुक्त कावरे ने बैठक में निर्देश दिया कि भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत अब तक जिन भी लोगों को मुआवजा मिला है, उनकी पूरी जानकारी जिला प्रशासन की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रकाशित की जाएगी।
- यह सूची कल से संबंधित वेबसाइटों पर उपलब्ध होगी।
- इसमें यह साफ-साफ बताया जाएगा कि किस व्यक्ति को कितना मुआवजा मिला है।
दावा-आपत्ति के लिए मिलेगा 15 दिन का समय
सूची प्रकाशित होने के बाद यदि किसी व्यक्ति को मुआवजे में गड़बड़ी, नाम छूटने या अन्य आपत्ति हो तो वह 15 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज करा सकता है।
- इससे आम जनता को पारदर्शिता का भरोसा मिलेगा
- और भ्रष्टाचार या पक्षपात की संभावनाएं कम होंगी।
अन्य प्रोजेक्ट्स का मुआवजा विवरण भी होगा सार्वजनिक
भारतमाला परियोजना के अलावा, संभाग आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया है कि
- जितने भी सरकारी प्रोजेक्ट्स के तहत मुआवजा बांटा गया है, उन सभी का विवरण प्रकाशित किया जाएगा।
- इसमें 2019 से अब तक रायपुर और धमतरी जिलों में दी गई सभी मुआवजा राशियों की जानकारी शामिल होगी।
पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम
संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने इस निर्णय को “जनहित में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में अहम पहल” बताया।
उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ लोगों को जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर विश्वास भी मजबूत होगा।
निष्कर्ष
रायपुर संभाग में मुआवजा वितरण में यह नई व्यवस्था आम जनता के हित में एक साहसिक और स्वागतयोग्य निर्णय माना जा रहा है। इस पहल से भविष्य में भूस्वामी और प्रभावित किसानों को सटीक जानकारी मिलने के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
