नई दिल्ली, 2 मई — देश की राजधानी दिल्ली के स्कूलों में इन दिनों डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। लगातार आ रही फर्जी बम धमकियों ने अभिभावकों, बच्चों और स्कूल प्रबंधन को मानसिक तनाव में डाल दिया है। सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता के बावजूद यह स्थिति लगातार गहराती जा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की मनोस्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
फर्जी धमकियों से मचा हड़कंप
हाल के दिनों में दिल्ली-एनसीआर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को ईमेल और अन्य माध्यमों से बम धमाके की धमकियां मिली हैं। इनमें से अधिकतर धमकियां जांच में फर्जी निकलीं, लेकिन हर बार स्कूलों को खाली कराया गया, सुरक्षा बलों ने तलाशी ली और पूरे दिन की पढ़ाई प्रभावित हुई।
अभिभावक और छात्र मानसिक दबाव में
हर सुबह स्कूल भेजते वक्त अभिभावकों के मन में डर और चिंता होती है कि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो जाए। बच्चे भी डरे-सहमे स्कूल पहुंचते हैं और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे। कई अभिभावकों ने स्कूलों को कुछ समय के लिए ऑनलाइन क्लास पर लौटने का सुझाव भी दिया है।
शिक्षा का माहौल हो रहा प्रभावित
लगातार हो रही इन घटनाओं से शैक्षणिक संस्थानों का वातावरण बाधित हो रहा है। स्कूल प्रशासन सुरक्षा इंतजामों को मजबूत कर रहा है, लेकिन जब तक इन फर्जी धमकियों के पीछे के दोषियों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे।
पुलिस और साइबर सेल की जांच जारी
दिल्ली पुलिस और साइबर सेल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि कुछ धमकियां विदेश से भेजी गई प्रतीत होती हैं, और जांच में तकनीकी सहायता ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने फिलहाल सभी स्कूलों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा है।
एक ओर जहां बच्चे भविष्य की नींव रख रहे हैं, वहीं ऐसे डराने वाले कृत्य समाज में असुरक्षा और अविश्वास फैला रहे हैं। अब जरूरत है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए और बच्चों को फिर से सुरक्षित और तनावमुक्त माहौल मिल सके।
